| अविवेकपूर्ण भाषा |
विवेकपूर्ण भाषा |
| तुम कब आये? |
आप कब पधारे? |
| कैसे हो? मजे में? |
सुख शांती है जी? |
| तबियत कैसि हैं? |
शरीर (आरोग्य) शाताकारी है? |
| कहां कहां घूम कर आये? |
कहां कहां विचरे? |
| ये गावं कैसे है? |
ये क्षेत्र कैसे है? |
| कितने दीन रुकोगे? |
कितने दिन कि स्थिरता है? |
आहार-जल लेने आना |
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आहार-जल का लाभ दिजीये? |
फुरसद में कब होंगे?
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आपको समय कब मिलेगा? |
| गोष्टी करना है | कुछ बातचीत करेंगे? |
कुछ लाभ प्राप्त करना है|सत्संग करना है| ? |
उपाश्रय कैसा लगा? अच्छा है ना?
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स्थान शाताकार है ना? |
| हुमें कुछ सुनायेंगे? |
कुछ धर्म बोध प्रदान करेंगे जी? |
| पानी ले आये? |
जल प्राप्त किया? |
| खाना कब खाओगे? |
भोजन ग्रहण(गोचरी)कब करेंगे? |
| पानी डांलने जा रहे हो? |
पानी परठने जा रहे हैं? |
| कपडे धो रहे हो? |
वस्त्र प्रक्षालन कर रहे हैं? (काप निकाल रहे हैं?) |
| तुम पढ़्ते हो? |
आप स्वाध्याय करते हैं? |
| यहां के आदमी अच्छे हैं? |
यहां के श्रावक भाविक हैं| |
| और रुकना यहां? ऐसी क्य जल्दी है? |
अभी स्थिरता कीजिए,शेषकाल पूरा कीजिए| |
| हम रोज आयेंगे | बाते करना | |
हम नित्य लाभ प्राप्त करेंगे | धर्म कथा सुनाइएगा | |
| सामान बांध रहे हो? |
पडिलेहण कर रहे हैं? |
| यह बुहारी साथ ही रखते हो? |
यह रजोहरण साथ ही रखते हैं? |
| बिस्तर लगा रहे हो? |
संथारा कर रहे हैं? |
| अच्चा ! आना | |
पधारना गुरुदेव| |
| आईये आईये |
पधारिये पधारिये| |
| संडास (लैटरिन) कहां है? |
यह पूछना ही नहीं चाहीए| |
| हमे खाना खाने कहां जाना है? |
यह पूछना ही नहीं चाहीए| |
| उपाश्रय में गरम पानी रखावाना? |
ऐसा कहना ही नहीं चाहीए| |
| मेहमान को हमारे यहां भेजना ! |
ऐसा कहना ही नहीं चाहीए| |