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Kaise Bole      
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सिर्फ मानव को ही अदभुत वाक्‌शक्ति का वरदान मिला है |
अतः इसका उपयोग समझ बुझ एवं विचारपुर्वक ही करना चाहिए |
समय, स्थान और व्यक्ति को देख कर ही बोलना चाहिए |

प्रिय बच्‍चों,

जीवन में आमूल परिवर्तन की सत्संग 'मास्टर' की' है | मुनि भगवंत और महासतीजीयों के साथ धर्मचर्चा करना, ऊन्की वाणी को श्रवण करना ही सत्संग है | इनके साथ बातचीत में किस प्रकार की भाषा का उपयोग करना (किस प्रकार बोलना|) चाहिए यह मैं बताता हुं |

सूचनाः महाराज सा. और महासतीजी के साथ बातचीत करते समय मुंह पर सादा उत्‍तरासन (रुमाल - मूहपत्‍ती) रखनी चहिए एवं विवेकपुर्ण भाषा का उपयोग करना चाहिए


अविवेकपूर्ण भाषा विवेकपूर्ण भाषा
तुम कब आये? आप कब पधारे?
कैसे हो? मजे में? सुख शांती है जी?
तबियत कैसि हैं? शरीर (आरोग्य) शाताकारी है?
कहां कहां घूम कर आये? कहां कहां विचरे?
ये गावं कैसे है? ये क्षेत्र कैसे है?
कितने दीन रुकोगे? कितने दिन कि स्थिरता है?
आहार-जल लेने आना |
आहार-जल का लाभ दिजीये?
फुरसद में कब होंगे?
आपको समय कब मिलेगा?
गोष्टी करना है | कुछ बातचीत करेंगे? कुछ लाभ प्राप्‍त करना है|सत्‍संग करना है| ?
उपाश्रय कैसा लगा? अच्छा है ना?
स्‍थान शाताकार है ना?
हुमें कुछ सुनायेंगे? कुछ धर्म बोध प्रदान करेंगे जी?
पानी ले आये? जल प्राप्‍त किया?
खाना कब खाओगे? भोजन ग्रहण(गोचरी)कब करेंगे?
पानी डांलने जा रहे हो? पानी परठने जा रहे हैं?
कपडे धो रहे हो? वस्‍त्र प्रक्षालन कर रहे हैं? (काप निकाल रहे हैं?)
तुम पढ़्ते हो? आप स्‍वाध्‍याय करते हैं?
यहां के आदमी अच्छे हैं? यहां के श्रावक भाविक हैं|
और रुकना यहां? ऐसी क्य जल्दी है? अभी स्‍थिरता कीजिए,शेषकाल पूरा कीजिए|
हम रोज आयेंगे | बाते करना | हम नित्‍य लाभ प्राप्‍त करेंगे | धर्म कथा सुनाइएगा |
सामान बांध रहे हो? पडिलेहण कर रहे हैं?
यह बुहारी साथ ही रखते हो? यह रजोहरण साथ ही रखते हैं?
बिस्तर लगा रहे हो? संथारा कर रहे हैं?
अच्चा ! आना | पधारना गुरुदेव|
आईये आईये पधारिये पधारिये|
संडास (लैटरिन) कहां है? यह पूछना ही नहीं चाहीए|
हमे खाना खाने कहां जाना है? यह पूछना ही नहीं चाहीए|
उपाश्रय में गरम पानी रखावाना? ऐसा कहना ही नहीं चाहीए|
मेहमान को हमारे यहां भेजना ! ऐसा कहना ही नहीं चाहीए|
 
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