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Kavita (Poems) » Hey Prabhu Veer Daya ke Sagar

Hey Prabhu Veer Daya Ke Sagar      
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मंगलमय भगवान् वीर हैं, मंगलमय गौतम स्‍वामी|
मंगलमय है सदा अहिंसा, जैन धर्म जग में नामी ||

हे प्रभुवीर दया के सागर, सब गुण आगर ज्ञान उजागर|
जब तक जीऊँ,
सत्य अहिंसा का रस पीऊँ,
छोडूँ लोभ घमंड बुराई, चाहूँ सब की नित्य भलाई|
जो करना सो अच्‍छा करना, फिर दुनियाँ में किससे डरना|
हे प्रभु मेरा हो मन-सुन्‍दर, वाणी सुन्‍दर जीवन सुन्‍दर||

 
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