E-Learning » Examination - 02 » Chapter 01

Samayik Sutra
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Interactive Games भावार्थ Question and Answer
 
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मुल अर्थ
भगवं हे भगवन्‌ ! हे गुरु महाराज !
इच्छाकारेणं इच्छापूर्वक
संदिसह आज्ञा दीजिये (कि मैं)
इरियावहियं ईर्यापथिकी क्रिया का (चलने आदि से लगने वाली क्रिया का)
पडिक्कमामि प्रतिक्रमण करुं
(गुरुजनों की ओर से आज्ञा मिल जाने पर या अपने संकल्प से ही आज्ञा सीकार करके साधक कहता है -)
इच्छं आपकी आज्ञा प्रमाण है
इच्छामि इच्छा करता हूं
पडिक्कमिउं प्रतिक्रमण करने की
इरियावहियाए मार्ग में चलने से होने वाली
विराहणाए विराधना से
(विराधना किस तरह होती है?)
गमणागमणे जाने आने में
पाणक्कमणे किसी प्राणी को दबाया हो
बीयक्कमणे बीज को दबाया हो
हरियक्कमणे हरी वनस्पति को दबाया हो
ओसा ओस
उत्तिंग कीड़ी नगर
पणग पांच रंग की काई (लीलन फूलन)
दग कच्चा पानी
मट्टी सचित्त मट्टी (और)
मक्कडासंताणा मकड़ी के जालों को
संकमणे कुचला हो
मे मैंने
एगिंदिया एक इन्द्रिय वाले
बेइंदिया दो इन्द्रिय वाले
तेइंदिया तीन इन्द्रिय वाले
चउरिंदिया चार इन्द्रिय वाले
पंचिंदिया पांच इन्द्रिय वाले
जे जो
जीवा जीव हैं (उन्हें)
विराहिया पीड़ित किया हों (विराधना की हो)
(किस तरह पीड़ित किये हों)
अभिहया सम्मुख आते हुए को हना हो
वत्तिया धूल आदि से ढंका हो
लेसिया मसला हो
संघाइया इकट्ठा करना
संघट्टिया संघट्ट (छूआ) किया हो
परियाविया परिताप (कष्ट) पहुंचाया हो
किलामिया किलामना उपजाई हो, मृततुल्य किया हो
उद्दविया उद्वेग उपजाया हो या भयभीत किया हो
ठाणाओ एक स्‍थान से
ठाणं दूसरे स्थान पर
संकामिया रखा हो
जीवियाओ जीवन से
ववरोविया रहित किया हो
तस्स उसका
दुक्कडं पाप
मि मेरा
मिच्‍छा मिथ्‍या (निष्‍फल) हो
 
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