| Q.1 |
गति किसे कहते हैं ? |
| A.1 |
जीव मर कर जहां जाते हैं, उसे गति कहते हैं | अथवा गति नाम कर्म के उदय से होने वाली जीव की पर्याय विशेष को गति कहते हैं | |
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| Q.2 |
नरक गति किसे कहते हैं ? |
| A.2 |
नरक गति नाम कर्म के उदय से प्राप्त जीवों की गति को नरक गति कहते हैं | घोर पापाचरण करने वाले जीव अपने पापों का फल भोगने के लिये अधोलोक के जिन स्थानों मे पैदा होते हैं और अपने पापों के अनुसार भयंकर कष्ट भोगते हैं, उसे 'नरक गति' कहते हैं | |
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| Q.3 |
नरक गति में जाने के कितने कारण हैं ? |
| A.3 |
१. महआरंभ २. महापरिग्रह ३. पंचेन्द्रिय जीवों की घात और ४. मद्ध मांस का सेवन | |
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| Q.4 |
नरक गति में किन गतियों के जीव उत्पन्न होते हैं ? |
| A.4 |
तिर्यज्व गति एंव मनु्ष्य गति के जीव ही नरक में उत्पन्न होते हैं | |
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| Q.5 |
तिर्यज्व गति केसे कहते हैं ? |
| A.5 |
तिर्यंच गति नाम कर्म के उदय से प्राप्त जीवों की गति को तिर्यंच गति कहते हैं | जो जीव झूठ बोलते हैं, छल-कपठ करते हैं और धोखा देते हैं, वे मरकर पृथ्वी, पानी, अग्नि, वायु, वनस्पति, कीड़े - मकोड़े, पशु-पक्षी आदि योनियों को प्राप्त करते हैं, उसे तिर्यज्व गति कहते हैं | तिर्यंच में एकेन्द्रिय से पंचन्द्रिय तक होते हैं | |
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| Q.6 |
तिर्य्ज्व गति मे किन गतियों के जीव जाते हैं ? |
| A.6 |
चारों ही गतियों के जीव तिर्यज्व गति में जाते हैं | |
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| Q.7 |
जीव किन कारणो से तिर्य्ज्व गति में जाते हैं ? |
| A.7 |
१ माया करने से २. गूढ् माया करने से ३. असत्य बोलने से और ४. न्यूनाधिक नापने तौलने से | |
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| Q.8 |
मनुष्य गति किसे कहते हैं ? |
| A.8 |
मनुष्य गति नाम कर्म के उदय से प्राप्त जीवों की गति को मनुष्य गति कहते हैं | मनुष्य गति में ज्ञाय, हेय, उपादेय के बारे में चिन्तन मनन करने की शक्ति तथा आत्मा पर लगे सभी कर्मों को क्षय कर मोक्ष प्राप्त करने की योग्यता होती है | |
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| Q.9 |
मनुष्य गति में कौनसी गति के जीव जाते हैं ? |
| A.9 |
चारों ही गतियों के जीव मरकर मनुष्य गति में जाते हैं | |
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| Q.10 |
मनुष्य गति प्राप्त करने के लिये कितने कारण हैं ? |
| A.10 |
१. प्रकृति की भद्रता से २. विनय करने से ३. दयाभाव रखने से ४. मद मत्सर आदि से रहित होने से | |
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| Q.11 |
देव गति किसे कहते हैं ? |
| A.11 |
देव गति नाम कर्म के उदय से प्राप्त जीवों की गति को देव गति कहते हैं | जहां पर जीव अपने द्वारा उपार्जित शुभ कर्मों के दिव्य भोग भोगते हैं | |
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| Q.12 |
देव गति में कौन से जीव जाते हैं ? |
| A.12 |
तिर्यज्व और मनुष्य गति के जीव मर कर देव गति में जाते हैं | |
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| Q.13 |
देव गति में जाने के चार कारण कौन से हैं ? |
| A.13 |
१. सराग संयम पालने में २. देश संयम पालने से . बाल तप करने से और ४. अकाम निर्जरा करने से | |
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