"Shri Guru Anand Goshala" करुणा भरे ह्रुदय के साथ बढाएं सहयोग का हाथ,      आधारस्‍तंभ - ५,००,०००,      गौमाताकी आधुनिक शेड उभारणी के लिये   अ) ३६ गौमाताकी आधुनिक शेड के लिये - ३,५१,००१,      गौशाला में जानवरोंको पिने के पाणी के लिये - ५१,००१,      एक गौमाताकी आजीवन घास - ५१,००१,      एक ट्रक सुखा घास - १५,००१,      एक ट्रक हरा घास - १८,००१,      एक गौमाता का एक वर्षके पालकत्‍व के लिए - ११,००१,      एक गौमाता का ६ महिने पालकत्‍व के लिए - ६,५५१,      एक गौमाता का ३ महिने पालकत्‍व के लिए - ४,५०१,      एक गौमाता छुडानेके लिए - २,५०१,      एक सालमें १ दिनके लिए चारा/पानी - ५,५५१,      एक सालमें १ दिनकी मिती के लिए - २,१००,      एक दिन कबुतर चिमणी आदि का दानापाणी - ५११,     
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गुरुदेव नित्य नियम » आत्म रक्षा स्तोत्र का पाठ
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आत्म रक्षा स्तोत्र का पाठ

ॐ परमेष्टि नमस्कारं , सारं नवपदात्मकम् |
आत्मरक्षा करं वज्रं , पंजराभं स्मराम्यहम् | |
ॐ नमो अरिहंताणं, शिरस्कम् शिरसि स्थितम् |
ॐ नमो सव्व सिद्धाणं , मुखे मुखपटं वरम् | |
ॐ नमो आयरियाणं , अंगरक्षाति शायिनी |
ॐ नमो उवज्झायाणं , आयुधं हस्तयोर्दृडम | |
ॐ नमो लोए सव्व साहुणं , मोचके पादयो: शुभे |
एसो पञ्च नमोक्कारो , शिलावज्रमयि तले | |
सव्व पावपणासणो , वप्रो वज्रमयो बहि: |
मंगलाणंच सव्वेसिं , खादिरांगार खातिका | |
स्वाहान्तं च पदं ज्ञेयं , पढमं हवइ मंगलं |
वप्रोपरि वज्रमयं , पिधानं देहि रक्षणे | |
महाप्रभावा रक्षेयं ,क्षुद्रोपद्रव नाशिनी |
परमेष्टी पदोद् भूता, कथिता पूर्व सुरिभि :| |
यश्चैवं कुरुते रक्षां, परमेष्टि पदै: सदा |
तस्य न स्याद भयं व्याधि-राधिश्चापी कदाचन | |
|| इति श्री आत्म रक्षा स्तोत्र पूर्ण ||