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| गुरुदेव नित्य नियम » तीर्थंकर स्तोत्र का पाठ |
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| तीर्थंकर स्तोत्र का पाठ |
आदौ नेमिजिनं नौमि , संभवं सुविधिं तथा |
धर्मनाथं महादेवं, शांती शांतिकरं सदा | | १ | |
अनंता सुव्रतं भक्त्या, नमिनाथं जिनोत्तम |
अजितं जित कदर्पं, चन्द्रं चन्द्र समप्रभं | | २ | |
आदिनाथं तथादेवं, सुपार्श्व विमलं जिनं |
मल्लिनाथं गुणोपेतं , धनुषां पञ्च विंशति |
अरनाथं महावीरं, सुमतिंच जगद् गुरुं |
श्री पद्मप्रभ नामानं ,वासुपूज्यं सुरैर्नतं | |3 | |
शीतलं शीतलं लोके, श्रेयांसं श्रेयसे सदा |
कुंथुनाथं च वामेयं , विश्वाभिनंदनं विभुं | |४ | |
जीनानां नामभिर्बद्ध: , पञ्चषष्टि समुद्भव: |
यंत्रोयं राजते यत्र, तत्र सौख्यं निरंतर | | ६ | |
यस्मिन गृहे महाभक्त्या, यंत्रोयं पूज्यते बुधे : |
भूतप्रेत पिशाचादेर, भयं तत्र न विद्यते | | ७ | |
सकलगुण निधानं यंत्रमेनं विशुद्धं ,
हृदयकमल कोषे,धीमतां धेयरुपम |
जयतिलकगुरो: श्री सुरिराजस्य शिष्यो ,
वदति सुखनिधानं मोक्षलक्ष्मी निवासम | | ८ | |
ईति श्री तीर्थंकर स्तोत्र सम्पूर्णं |
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